*प्रत्याक्षी घोषित होते ही मनासा विधानसभा में नरेंद्र नाहटा का विरोधसिर्फ चुनाव के वक्त आते है नाहटा स्थानीय नेता को टिकट देने की मांग*



*नीमच। कांग्रेस पार्टी ने हाल ही में मध्यप्रदेश की 144 विधानसभा सीट पर प्रत्याशी घोषित कर दिए है, इसमें मनासा सीट भी शामिल है। इस सीट में नरेंद्र नाहटा का नाम है, जैसे ही लिस्ट जारी हुई तो मनासा विधानसभा क्षेत्र में कांग्रेस के नेताओं से लेकर कार्यकर्ताओं में उबाल आ गया है। हर कोई कांग्रेस नेता नरेंद्र नाहटा का विरोध कर रहा है। नाहटा मनासा की सक्रिय राजनीति में नहीं है। वे विधानसभा चुनाव के दो महिने पहले ही कार्यक्रमों में दिखे, इससे पहले 10 साल तक मुंह तक नहीं दिखाया। मनासा सीट से स्थानीय प्रत्याशी को ही टिकिट देने की मांग की जा रही है। नाहटा के समर्थन में दस व्यक्तियों को छोड दें तो कोई कार्यकर्ताओं की टीम नहीं है। नरेंद्र नाहटा बाहरी प्रत्याशी है, मूल रूप से मंदसौर से है। बीते लंबे समय से मनासा की राजनीति में सक्रिय नहीं है। स्थाानीय मुद्दे हो या फिर भाजपा का विरोध। जब—जब भी कार्यक्रम हुए है, स्थानीय नेताओं ने ही भीड जुटाई और भाजपा सरकार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किए है, मनासा सीट से नरेंद्र नाहटा का टिकिट फाइन लाखों कार्यकर्ताओं के साथ ना—इंसाफी ही माना जा रहा है। सोशल मीडिया से लेकर अन्य प्लेटफार्म विरोध प्रदर्शन तेज हो गया है।*
*सिर्फ कॉलेज संभालने में व्यस्त है नाहटाजी— केबिनेट मंत्री रहते हुए नरेंद्र नाहटा ने अरबों रूपए अर्जित किए। अरबों रूपए की संपत्ति को बचाने के लिए कांग्रेस पार्टी में जीवित रहने के लिए टिकिट लाते है, हार—जीत से उनका कोई ताल्लुक नहीं है। वे कई बार चुनाव हार चुके है, फिर भी पैसे के दम पर वे टिकिट ले आते है
। ऐसा आम कार्यकर्ताओं का कहना है।*

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*मनासा विधानसभा सीट पर इस्तीफे देने का दौर शुरू— जैसे ही मनासा विधानसभा सीट पर नरेंद्र नाहटा का टिकिट हुआ तो पूरे क्षेत्र में हाहाकार मच गया। कई नेताओं ने पीसीसी चीफ कमलनाथ तक अपने पद से इस्तीफे पहुंचाना शुरू कर दिए है। हजारों नेता और कार्यकर्ता नरेंद्र नाहटा के खिलाफ हो गए है।*

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